vikash sagar
Saturday, 2 April 2011
कभी - कभी ज़िन्दगी इतनी उदास लगती है की इंसा सोच में पद जाता है की आखिर वो जी किसलिए रहा है शायद ऐसा ही कुछ लम्हा मेरी ज़िन्दगी में अक्सर आता रहता है
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