vikash sagar
Saturday, 2 April 2011
morning
सुबह हो गयी मामू
हर रोज एक नयी सुबह होती है हर रोज एक नयी दिन की शुरुआत होती है और इसी तरह एक नए मंजिल को पाने की चाहत कुछ पुराने अधूरे सपनो को सच करने की हसरत कुछ इस तरह ही नए दी की शुरुआत होती है
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